राजा का रामपुर में एक घर की छत पर बैठे बंदर। संवाद
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एटा। जिले में बंदरों के हमले से लगातार लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इसकी वजह से लोगों को घर की छतों पर जाने में खतरा महसूस होता है। बाजारों में भी बंदरों की वजह से दुकानदार और ग्राहकों को सामान की सुरक्षा के लिए बेहद चौकन्ना रहना पड़ता है। अक्सर बंदर लोगों को काट लेते हैं। बंदरों के बढ़ते कुनबे के बीच उनकी धरपकड़ के लिए बजट का अभाव बता जिम्मेदार हाथ खड़े कर रहे हैं।
जिले में बंदरों का उत्पात लगातार बढ़ा है। जिला मुख्यालय भी इससे अछूता नहीं है। यहां के हर धार्मिक स्थल और पुरानी इमारतों में बंदरों का डेरा रहता है। जबकि भोजन की तलाश में झुंड के रूप में घूमते हुए ये बंदर केवल सामान ही नहीं, लोगों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। बंदरों के काटे जाने से कई लोग जख्मी होते हैं। शहर के अलावा अवागढ़, राजा का रामपुर, मारहरा, मिरहची में भी बंदरों की संख्या काफी है। इससे लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है। राजा का रामपुर में बुधवार को बंदरों के हमले से एक महिला छत से गिरकर घायल हुई थी। इस सबके बावजूद नगर पालिका और वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।