मिरहची में गांव नगला दत्ती में एक माह पूर्व फैली खसरे की बीमारी अभी तक थमने का नाम नहीं ले रही है। खसरे से पीड़ित दो बच्चियों की मौत हो गई है, जबकि पांच अभी भी इसकी चपेट में हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी एक दिन गांव में पहुंचकर खानापूर्ति कर दी। लोग झोलाछाप और प्राइवेट चिकित्सकों के यहां पहुंच रहे हैं। इसी लापरवाही के चलते दो मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। इससे ग्रामीणाें में रोष है।
गांव नगला दत्ती में बच्चों में फैली खसरे की बीमारी की खबर गत 27 नवंबर को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित की थी। खबर के बाद चेते स्वास्थ्य विभाग ने दूसरे दिन टीम गांव भेजी थी। टीम ने गांव में जाकर खसरे से पीड़ित 31 बच्चों को चिन्हित कर 21 बच्चों को उपचार भी दिया, वहीं पांच को ब्लड जांच के लिए लखनऊ लैब भेजा था। इसके बाद टीम गांव नहीं गई।
ग्रामीणों ने बच्चों में फैली खसरे की बीमारी को गंभीरता से न लेने पर प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज कराया। लापरवाही के चलते इस दौरान काजल, लता (03) की गत दिन मौत हो गई। दोनों की मौत के बाद गांव में दहशत का माहौल है। सभी लोग अपने पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए बाहर ले जाने लगे हैं।
ये बच्चे चपेट में
कविता पुत्री दुर्वेश (07), अंशु पुत्र दुर्वेश (03), वीनेश पुत्री मुनीश (03), विपेंद्र पुत्र अजयपाल (04), जसवीर पुत्र जुगेंद्र (10)।
नगला दत्ती में खसरा नहीं बल्कि चिकिनपॉक्स फैला था। इस बीमारी से और भी बच्चे पीड़ित हुए हैं और दो की मौत हो चुकी है इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मौके पर टीम भेजी जाएगी।
-डा. आरसी पांडेय, सीएमओ