पहले से ही बदहाल विद्युत आपूर्ति व्यवस्था शुक्रवार को आई आंधी से और चौपट हो गई। सौ से अधिक खंभे धराशायी होने और तार टूटने से जनपद के दर्जनों गांवों में 24 घंटे बाद भी बिजली के दर्शन नहीं हुए। शहरी क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। वहीं, बिजली विभाग को लाखों की चपत लगी है।
आंधी का कहर जनपद भर में दिखाई दिया। शहर से गांव तक सैकड़ों पेड़ गिर गए। गांवों में छप्पर और टीन आदि उड़ गए। होर्डिंग्स का तो पता ही नहीं चला। अलीगंज से जलेसर और मारहरा आदि क्षेत्र में सौ से अधिक बिजली के खंभे गिर गए। दर्जनों ट्रांसफार्मर भी नीचे आ गए। कई किलोमीटर लंबी विद्युत लाइनें झूल गईं। दर्जनों गांवों के साथ शहरी क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित है। बिजली नहीं आने से पेयजल आपूर्ति भी चरमरा गई है। जिला मुख्यालय में भी शुक्रवार रात से लेकर शनिवार दिन तक कुछ देर ही बिजली मिल सकी।
शहवाजपुर, रुपधनी, गांगूपुर, चौराहा धुमरी, हरनावली, बागवाला चौराहा, सेतपुर, भगवंतपुर, करतला, जसरथपुर आदि क्षेत्रों में 38 से अधिक खंभे व तार टूटे हैं। ऐसे में कई गांवों की आपूर्ति भी प्रभावित है। मरम्मत कार्य जारी है। शीघ्र आपूर्ति सुचारु की जाएगी।
- पवन वर्मा, एसडीओ अलीगंज
आंधी से बिजली विभाग का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आठ दर्जन से अधिक विद्युत पोल टूटने की सूचना है। ट्रांसफार्मर भी गिरे हैं। तार भी टूटे हैं। विभागीय टीमें क्षति आकलन और मरम्मत में जुटी हैं। अभी तक की सूचना के अनुसार 15 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
- राजकुमार, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड ग्रामीण खंड, एटा
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गर्मी से मिली राहत
दिन में आई आंधी के बाद शुक्रवार रात को भी तेज हवाएं चलीं और बूंदाबांदी हुई। इससे रात का पारा लुढ़क गया। तापमान बढ़ने से परेशान लोगों को गरमी से कुछ राहत मिली।
आम की फसल को भारी नुकसान
एटा (ब्यूरो)। आंधी से आम की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कम बौर आने से परेशान बागवानों को आंधी ने और मुश्किल में डाल दिया है। बाग मालिक प्रदीप सिंह का कहना है कि आंधी में टनों कच्चा आम टूट कर गिर गया। कच्चा होने के चलते इसका प्रयोग अचार और जैली आदि में भी नहीं हो सकता। ऐसे में इसका बढ़िया दाम भी नहंीं मिलेगा।