एटा। गर्मी सितम ढा रही है, जेल के अंदर भी बंदी और कैदियों का बुरा हाल है। वहां कूलर जैसी सुविधा तक नहीं हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने की आशंका है। गर्मी से बचाने और स्वस्थ बनाए रखने के लिए उन्हें हर रोज कच्चे आम का पना दिया जा रहा है। जिसे बनाने में हर रोज करीब डेढ़ क्विंटल आम खप रहा है।
जेल मैनुअल के मुताबिक बंदियों को गर्मियों में कच्चे आम का पना दिए जाने का प्रावधान किया गया है। यह प्रक्रिया 1 मई से शुरू हो जाती है और 30 जून तक चलती है। जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि हर बंदी को प्रतिदिन 100 ग्राम कच्चे आम का पना दिन में एक बार दिया जा रहा है। वर्तमान में जेल में 1340 बंदी हैं, इनके लिए डेढ़ क्विंटल कच्चा आम मंगाया जाता है। जिससे पना तैयार कर उन्हें दिया जा रहा है। संवाद
गर्मियों में औषधि से कम नहीं है पना
आयुर्वेद चिकित्सक नवीन चंद्र बताते हैं कि कच्चे आम की तासीर ठंडी होती है। इसलिए इसका पना पीने से पेट को ठंडक मिलती है। अधिक पसीना निकलने से शरीर में होने वाली आयरन, सोडियम क्लोराइड की कमी से पना बचाता है। डिहाइड्रेशन से रक्षा करता है। विटामिन ए, बी1, बी2, सी, कार्बोहाइड्रेट्स, सोडियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम आदि तत्वों से भरपूर होता है।