एटा। तीन वर्ष पूर्व किशोरी का बहला-फुसलाकर अपहरण और दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने एक अभियुक्त को दोषी माना है। उसे 10 वर्ष कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मामला थाना बागवाला क्षेत्र के एक गांव का है। यहां के युवक ने 1 जून 2022 को पुलिस को सूचना दी कि गांव का ही युवक उसकी नाबालिग बहन को बहला फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर तलाश शुरू की।
किशोरी को बरामद कर लिया। उसके बयानों के आधार पर आरोपी राजकुमार के खिलाफ मुकदमे में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाई गईं।
विवेचक ने पांच अगस्त 2022 को धारा 363, 366, 376, 328, 3/4 पॉक्सो एक्ट में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत कुशल पैरवी की। न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद राजकुमार को दोषी माना। उसे न्यायालय ने 10 वर्ष का कठोर कारावास व एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।