एटा। चार वर्ष पूर्व तमंचे के बल पर किशोरी से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश रेप एंड पॉक्सो एक्ट सारिका गोयल ने एक आरोपी को दोषी माना है। उसे 25 वर्ष कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि मलावन थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 8 जुलाई 2022 को तहरीर दी थी। इसमें बताया कि दोपहर को उसकी 14 वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी। तभी गांव का अमर कुमार आया और उसने बेटी से कहा कि उसकी मां स्कूल के पास गिर गई है। उसके सिर से खून बह रहा है। यह सुनकर बेटी दौड़ती हुई स्कूल के पास पहुंची वहां उसकी मां नहीं थी। पीछे-पीछे आरोपी अमर पहुंच गया। उसने बेटी को तमंचा दिखाया और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। तमंचे के बल पर आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बेटी ने शोर मचाया तो गांव के लोग आ गए। उन्हें देखकर आरोपी वहां से भाग गया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने धारा 376, 504, 506, 120बी, 3/4 पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की। विवेचना का आरोपी अमर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश रेप एंड पॉक्सो एक्ट के न्यायालय में चल रही थी। न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं का सुना और आरोपी अमर को दोषी माना। एडीजीसी के अनुसार कोर्ट ने उसे 25 वर्ष कारावास, 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
नाबालिग को बंधक बनाने के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार
जलेसर। कोतवाली क्षेत्र के गांव जमौं में नाबालिग को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। किशोरी के पिता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि 24 जून की रात उसकी 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री घर के पास बने प्लॉट में बकरियां खोलने गई थी। इसी दौरान गांव का ही निवासी कबीर उर्फ आशीष कुमार और उसके दो साथियों ने बेटी को पकड़ लिया। उसका मुंह दबाकर जबरन अपने घर की तरफ उठा ले गए। आरोप है कि तीनों युवकों ने बेटी को रातभर बंधक बनाए रखा और जोर-जबरदस्ती की। अगले दिन आरोपियों के चंगुल से छूटकर पीड़िता ने मां को आपबीती सुनाई। पुलिस ने आरोपी कबीर उर्फ आशीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।