एटा। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश एक्सक्लूसिव कोर्ट पॉक्सो एक्ट अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल राणा ने दोषी संजय उर्फ समीर को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर कुल 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड में से 20 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने के आदेश दिए हैं।
अदालत के निर्णय के अनुसार घटना 22 नवंबर 2020 की है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले से जुड़े तथ्यों, परिस्थितियों और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण किया। इसके बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई। अदालत ने कहा कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए दोषी को दंडित किया जाना न्यायोचित है।
दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने दोषी को दी गई सभी सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। निर्णय में यह भी कहा गया है कि दोषी की जेल में बिताई गई अवधि को उसकी सजा में समायोजित किया जाएगा।