सिरावं गॉव में गणेश लक्ष्मी की मूर्तीयां तैयार करती महिलायें
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एटा। महापुरुषों की आदमकद मूर्तियां बनाने वाले हाथ इन दिनों दीपावली के त्योहार पर मिट्टी की लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बना रहे हैं। कोरोना संक्रमण काल में बड़ी मूर्तियों के आर्डर आना बंद हुए तो जीवन-यापन के लिए परिवार मूर्तियां बना रहा है।
गांव सिरांव निवासी गोविंद के परिवार में तीन भाई हैं। बड़े रामस्नेही और छोटा गौतम हैं। तीनों भाई सीमेंट और पत्थर की महापुरुषों की मूर्तियां बनाते हैं। कोरोना संक्रमण काल में बाहर से बड़ी प्रतिमाओं के बनने के आर्डर आना बंद हो गए हैं। ऐसे में परिवार दीपावली पर छोटी-छोटी मूर्तियां बना रहा है। मूर्तिकार रामस्नेही ने बताया कि वह महाराणा प्रताप की सीमेंट की प्रतिमा तैयार कर रहे हैं। इसके लिए काले पत्थर का चबूतरा बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही यहां महाराणा प्रताप की आदमकद प्रतिमा लगाई जाएगी।
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ऑनलाइन करते हैं सप्लाई
गौतम ने बताया कि गांव में छोटी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बना रहे हैं। महंगाई के चलते मूर्तियों का साइज जहां छोटा हुआ है। वहीं मूर्तियों को ऑनलाइन और बाजार में भी दुुकानदारों को सप्लाई की जा रही हैं।
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परिवार का मूल काम महापुरुषों की सीमेंटेड प्रतिमाएं बनाने का है। लॉकडाउन में काम बंद हो गया है। ऐसे में गणेश पूजन, नवरात्र के बाद अब दीपावली के लिए लक्ष्मी-गणेश की छोटी मूर्तियां बाजार में बिक्री के लिए तैयार कराई जा रही हैं। इनकी फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से भी बिक्री की जा रही है।
गोविंद, मूर्तिकार, गांव सिरांव
सिरावं गॉव में गणेश लक्ष्मी की मूर्ती पर कलर करते बच्चे - फोटो : ETAH