मकर संक्राति पर्व से एक दिन पूर्व मंगलवार को शहर के ठंडी सड़क स्थित काली मंदिर के समीप मुंगफली
एटा। मकर संक्रांति का पर्व बुधवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। स्थानीय ज्योतिषाचार्यों के अनुसार दोपहर 3.07 बजे से दान का महा पुण्यकाल प्रारंभ होगा। पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। बाजारों में मंगलवार को गजक, रेवड़ी और मूंगफली आदि की खूब खरीदारी हुई।
मकर संक्रांति पर गंगा तटों पर पहुंचकर बुधवार को लोग आस्था की डुबकी लगाकर तिल, गुड़, खिचड़ी, कंबल आदि का दान करेंगे। पंडित आचार्य गिरजेश पचौरी ने बताया कि इस बार पर्व पर एकादशी तिथि होने के कारण घरों में खिचड़ी नहीं बनेगी, लेकिन चावल का दान किया जा सकता है। अन्य पकवान सामान्य रूप से बनाए जा सकेंगे। उन्हाेंने बताया कि मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व है। इसके साथ ही ठंड का प्रभाव धीमे-धीमे कम होने लगता है। आज से ही शुभ कार्य भी शुरू हो जाएंगे।
पतंगों की दुकानों पर रही भीड़
इधर बाजारों में बच्चों के लिए रंग-बिरंगी कार्टून वाली पतंगों की खूब मांग रही। क्रिश, मोटू, पतलू, ड्रैगन आदि की डिजाइन वाली पतंगें 5 से 50 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं। दुकानों पर सुबह से ही बच्चों की भीड़ लगी रही।