अवागढ़ थाना क्षेत्र के खेड़ा गांव में मंगलवार को थ्रेसर पर चढ़कर गेहूूं काट रहा मजदूर हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया, इसके कारण उसकी मौके पर मौत हो गई। हादसे से गुस्साए परिवारीजों और ग्रामीणों ने एटा-आगरा मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम सदर ने मुआवजे और कार्रवाई आश्वासन देकर जाम खुलवाते हुए शव पीएम के लिए भिजवाया। एसडीएम ने एक्सईएन को क्रिमिनल नेग्लिजेंसी का केस दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा है।
खेड़ा गांव निवासी बलवीर सिंह को बेटा भगवान सिंह (25) मंगलवार सुबह नौ बजे खेत पर थ्रेसर से गेहूं काटने गया था। गेहूं काटते समय वह थ्रेशर पर चढ़ गया और ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर उसकी करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे से गुस्साए परिवारीजनों और ग्रामीणों ने वसुंधरा में एटा-आगरा मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिवारीजन बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते कार्रवाई और मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। सूचना पर पहुचे एसडीएम सदर सुनील कुमार वर्मा ने हंगामा कर रहे लोगों को मुआवजा और कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया और शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। हंगामे और जाम के कारण मार्ग पर दो किमी लंबी वाहनों की कतार लग गई। जिसे खुलवाने में पुलिस को दो घंटे का समय लग गया। एसडीएम सुनील कुमार वर्मा का कहना है कि खेड़ा गांव में हादसा भगवान सिंह की लापरवाही से हुआ है। उन्होंने कहा कि पहली लापरवाही खेत मालिक की है, जिसने गेहूं का ढेर एचटी लाइन के नीचे लगाया था। दूसरी लापरवाही थ्रेसर के ऊपर चढ़ कर गेहूं काटने से होने के कारण भगवान की मौत होना है। लेकिन हादसे के समीप जमीन से छह मीटर ऊपर झूलता हाईटेंशन लाइन का तार पावर कारपोरेशन की लापरवाही बयंा कर रहा है। इसके चलते एक्सईएन को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया जाएगा।
---------------------
निगम की लापरवाही से आगजनी और हादसे
पावर कारपोरेशन निगम की लापरवाही से जिले में अभी तक एक दर्जन से अधिक आगजनी की घटनाएं हो चुकीं हैं। जबकि एक किसान की मौत होने पर जेई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पावर निगम की लापरवाही का आलम यह है कि जिले में पचास से अधिक स्थानों पर तार झूलने के अलावा घरों के ऊपर से हाइटेंशन तार गुजर रहे हैं। सोमवार को जैथरा में एचटी लाइन का तार घरों की छत पर गिरने से हड़कंप मच गया था। सूचना पर बिजली आपूर्ति तो बंद कर दी गई, लेकिन कर्मचारियों ने देर रात तक तार संभालने की जरूरत नहीं समझी।
--------------------
खेड़ा गांव में मजदूर की मौत उसकी लापरवाही से हुई है। जिन स्थानों पर तार नीचे झूल रहे हैं। उन्हें चिह्नित कर एक्सईएन को रिपोर्ट सौंपने और उन्हें सही कराने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही कार्रवाई अमल में नहीं लाने पर कार्रवाई हो सकती है।
- एके जैन, अधीक्षण अभियंता, पावर कारपोरेशन एटा