एटा में रोडवेज बस के करंट की चपेट में आने से हुए हादसे में जान गंवाने वालों में पटियाली क्षेत्र के गांव भैंसारासी निवासी ममता उर्फ मुन्नी देवी और उसका 13 वर्षीय बेटा गौरव भी था। मां-बेटे की एक साथ हुई मौत से घर में कोहराम मच गया। हादसे के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
हादसे का शिकार हुई महिला मुन्नी देवी(40)पत्नी उर्वेश अपने बेटे गौरव (13) के साथ गांव नहर इटावा जा रही थी। सुबह के समय अपने गांव से मुन्नी देवी पटियाली पहुंची। पटियाली से सिढ़पुरा जाकर उन्होंने एटा जाने के लिए बस पकड़ी। एटा से उन्हें इटावा के लिए बस से जाना था। ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर के समय गांव में एटा के करंट हादसे में मुन्नी देवी और गौरव की मौत हो जाने की सूचना लगते ही गांव में हड़कंप मच गया। गमगीन गांव वाले और बिलखते परिवारीजन एटा भागे। बता दें कि मुन्नीदेवी के चार बेटों में गौरव तीसरे नंबर का था। बताया जाता है कि इनके साथ जा रही मौसी ऊषा देवी पत्नी नेत्रपाल निवासी भैंसरासी बस से कूद गई, इसलिए उसकी जान बच गई।
इनसेट
एक साल पहले हुई थी छोटे बेटे की मौत
पटियाली(ब्यूरो)। भैंसारासी गांव में मुन्नी देवी का परिवार पहले से ही उसके छोटे बेटे की मौत के सदमे में थे। करीब एक वर्ष पहले ही उसके 11 वर्षीय बेटे की सर्पदंश से मौत हो गई थी। परिवारीजन इस सदमे से उबर पाते, इससे पहले यह दोहरी मौत का वज्र उनके ऊपर गिर गया।