मंगलवार को हुई बातचीत में मृतक आकाश के पिता देवेंद्र ने बताया कि एक बार लड़की की मां विमलेश शादी को राजी हो गई। इस पर दोनों गांव से चले गए थे। मगर, कुछ समय बाद लड़की के मौसा के कहने पर दोनों को वापस बुला लिया गया।
घर आते ही मौसा ने करिश्मा को जमकर पीटा। इसके अलावा जब भी उसको पता लगता था कि करिश्मा और आकाश के बीच बात या मुलाकात हुई है तो वह लड़की की पिटाई करता था। 19 जून को हुई पंचायत के दौरान भी मौसा ने सबके सामने करिश्मा को पीटा था।
बताया कि 17 मार्च को करिश्मा की गोद भराई की रस्म हुई। उसके बाद जब सगाई की बारी आई तो करिश्मा ने अंगूठी पहनने से इंकार कर दिया था। कहा था कि मैं तो सिर्फ आकाश से प्यार करती हूं। यह सुनकर लड़के वाले चले गए। उनके जाते ही मौसा ने फिर करिश्मा की पिटाई की थी।
एक वर्ष से घर से दूर रह रहे थे पिता-पुत्र
देवेंद्र ने बताया कि हमारा और लड़की का घर गांव में आमने-सामने है। पिछले एक साल से विवाद की वजह से पुत्र आकाश को लेकर कासगंज रोड पर आईटीआई के पास किराए के मकान में रह रहे थे। सोमवार की सुबह करीब 3 बजे लड़की की मां विमलेश ने मेरे बड़े बेटे योगेश को फोन किया। कहा कि आकाश उनकी बेटी करिश्मा को लेकर कहीं चला गया है। योगेश ने कहा कि आपने रोका क्यों नहीं? उसने कहा वह तो सुबह पता चलेगा। इसके बाद सुबह दोनों के शव गांव के बाहर पेड़ पर लटके मिले।
पुलिस घटनास्थल पर ही छोड़ गई प्रेमी युगल की चप्पलें
गांव के बाहर जिस पेड़ पर लटक कर प्रेमी युगल ने जान दी, उसके नीचे दूसरे दिन भी दोनों की चप्पलें पड़ी हुई थीं। लोगों का कहना था कि पुलिस को घटनास्थल से प्रत्येक साक्ष्य को ले जाना चाहिए था। लड़के के पिता ने आरोप लगाया कि वह हत्या की तहरीर लेकर थाने गया, लेकिन उसकी तहरीर नहीं ली गई।
सीओ सिटी विक्रांत द्विवेदी ने बताया कि किसी भी प्रकार की कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल पर हो सकता है किसी और की पुरानी चप्पल पड़ी हों। टीम ने सभी प्रमुख साक्ष्य संकलित किए हैं। ऐसा कुछ है तो एक बार फिर दिखवाया जाएगा।