जलेसर। नगर पालिका के भ्रष्टाचार की शिकायत पर जिले से भेजी गई रिपोर्ट से लोकपाल संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने इस मामले की फिर जांच कराने की जिलाधिकारी कासगंज को जिम्मेदारी दी है। जांच के लिए कासगंज की टीम 19 जून को जलेसर पहुंचकर शिकायत के बिंदुओं पर जांच करेगी।
नगर के पवन तिवारी ने वर्ष 2024 में नगर पालिका जलेसर में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। बिंदुवार की गई शिकायत में सबूत और आंकड़े भी संलग्न किए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए लोकपाल ने इसकी जांच कराकर रिपोर्ट भेजने के लिए जिलाधिकारी एटा को कहा।
डीएम ने जलेसर के एसडीएम एवं बीडीओ और पीडब्ल्यूडी के जेई को नियुक्ति किया था। इस मामले में उस समय भी सवाल उठे थे। क्योंकि शिकायत में तत्कालीन एसडीएम पर भी आरोप हैं। उस समय वह नगर पालिका के प्रभारी ईओ थे।
लंबे समय तक चली इस जांच की रिपोर्ट बाद में जिलाधिकारी के माध्यम से लोकपाल को भेज दी गई। इससे लोकपाल संतुष्ट नहीं हुए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच रिपोर्ट पालिका में बैठकर तैयार की गई थी। तीनों जांच अधिकारियों ने हस्ताक्षर कर रिपोर्ट आगे बढ़ा दी। कासगंज की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने जांच टीम में एसडीएम कासगंज, जिला कोषाधिकारी, जेई विनियमित क्षेत्र को नियुक्ति कर निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं।
टीम 19 जून को जलेसर आकर जांच करेगी। इसकी सूचना जलेसर नगर पालिका को भेज दी गई है। ताकि संबंधित सभी कर्मचारी अधिकारी मौजूद रहें। गैर जिले से फिर जांच कराए जाने पर पालिका में खलबली मच गई है।