राष्ट्रीय लोक अदालत में मौजूद न्यायाधीश ।संवाद
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एटा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश मुदुलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला जज ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस दौरान 3242 मामले पंजीकृत हुए। इसमें से 1107 का निस्तारण करते हुए करीब 96 लाख 25 हजार 372 रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
जिला न्यायाधीश मृदुलेश कुमार सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण आज वैश्विक महामारी का रूप ले चुका है। इस महामारी की विपदा को कैसे अवसर में बदला जाए? यह अहम बात है। कहा कि हमें बचपन से सीख दी जाती है कि किसी भी विवाद को सुलह समझौता के आधार पर निपटा लिया जाए।
इस आपदा की घड़ी में आर्थिक संकट भी एक बड़ी समस्या है। इससे लोग बैंक को समय से भुगतान नहीं कर सके। इस अवसर पर अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत गोपाल कुलश्रेष्ठ, न्यायाधीश कमलेश कंछल, अल्पना, खलीकुज्जमा, रमेश, पारुल जैन, मनीष कुमार, विपिन कुमार, कुमार गौरव, विनोद कुमार, कैलाश कुमार और रितेश सचदेवा आदि मौजूद रहे।