सालों से न्याय पाने के लिए कोर्ट के चक्कर काट रहे फरियादियों के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत वरदान साबित हुई। लोक अदालत में शनिवार को त्वरित न्याय मिलने से फरियादियों के चेहरे पर मुस्कान लौटी तो न्यायिक अधिकारी उत्साहित दिखे। इस दौरान 2101 वादों के निस्तारण कर 12,75,120 लाख रुपये जुर्माना वसूला।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज ओपी अग्रवाल ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया। डीजे ने सीडीओ प्रताप सिंह भदौरिया एवं एसएसपी सत्यार्थ अनिरूद्ध पंकज के साथ सभी कक्षों में न्यायिक अधिकारियों से बात और फरियादियाें से मुलाकात की। त्वरित न्याय मिलने से फरियादियों के चेहरे खिले। अदालत में पालिका के 118 प्री-लिटिगेशन के मामलों के निस्तारण कर 7,95,863 रूपये वसूल किए, बैंक ऑफ बड़ौदा के चार मामलों का निस्तारण कर 1,25,000 रुपये वसूले। मोटर दुर्घटना प्रतिकर 12 वादों का निस्तारण कर 29,73,500 रुपये एवार्ड राशि पीड़ितों को दिलाई। 20 पारिवारिक मामले आए। इनमें से पांच दंपति के बीच सुलह होने पर फूल मालाएं पहना कर भेजा गया। दस दंपति के बीच अलगाव हुआ तो पांच दंपति ने कोर्ट में चल रहे केस आपसी सहमति से वापस लिए। लोक अदालत संपन्न होने के बाद डीजे ओपी अग्रवाल ने कहा कि खेतों में गेहूं की कटाई, कड़ी धूप और चुनाव के बाद स्थानांतरण को लेकर अफसरों में असमंजस के बीच आयोजन सफल रहा। अजय त्यागी, अरुण चंद्र श्रीवास्तव, मानवेंद्र सिंह, सुरेंद्र प्रसाद मिश्रा, रवेन्द्र सिंह, पवन कुमार शुक्ला शशिभूषण पांडेय, संजीव कुमार त्यागी, अशोक कुमार यादव, हीरालाल, विजय चंद्र यादव, बृजेश कुमार शर्मा, सुभाष चन्द्रा, राकेश कुमार सिंह सहित न्यायिक अधिकारी एवं बार अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद पचौरी, महासचिव राकेश यादव सहित अन्य अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।