रात से घुमड़ रहे बादल सुबह झमाझम बरसे। दो घंटे तक हुई झमाझम बरसात से शहर सराबोर हो गया। सड़कों पर पानी भर गया। कच्चे रास्तों पर फिसलन बढ़ गई। ऐसे में कई रास्तों से गुजरने वाले परेशान दिखाई दिए। तापमान में आई गिरावट से लोगों ने राहत की सांस ली।
सुबह से ही घुमड़ रहे बादल नौ बजे से बरसने लगे। रिमझिम से शुरू हुई बारिश घंटे भर तक झमाझम बरसी। कुछ देर के लिए सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। कार एवं अन्य भारी वाहन ही दौड़ते दिखाई दिए। गर्मी-उमस से जूझ रहे लोगों के लिए बारिश खासी राहत भरी रही। गिरे तापमान से उन्हें राहत मिली। अवकाश के चलते घरों पर बैठे बच्चों ने बारिश में भीगकर मौसमी बरसात का लुत्फ लिया।
जल निकासी व्यवस्थाएं एक बार फिर दम तोड़ गईं। शहर के अधिकांश रास्तों पर जलभराव दिखाई दिया। शहर का मालगोदाम रोड, रेलवे रोड, हाथी गेट, सुभाष बाजार, घंटाघर, जैन गली, मैनगंज, प्रेम नगर, कैलाश गंज आदि में हुए जलभराव से निकलना दूभर रहा। धान किसानों में जहां बारिश से राहत दिखाई दी।
देर शाम को फिर बरसे मेघा
एटा। दिन की चटक धूप, गरमी उमस के बाद देर शाम को फिर बरसात हो गई। कुछ देर के लिए लोगों को गरमी से राहत मिल गई लेकिन उमस के चलते लोग अकुलाते दिखे।
शुक्रवार का दिन पहाड़ों की तरह रहा। सुबह को घुमड़े बादल जमकर बरसे। इसके बाद निकली चटक धूप ने गरमी उमस को फिर बढ़ा दिया। शाम सात बजे पुन: बारिश से गर्मी तो कम हो गई लेकिन उमस से राहत नहीं मिली। मुस्लिम समाज के लोगों ने जुमा अलविदा के समय खुले मौसम को लेकर खुशी जताई।