जिले में मुस्लिम समाज ने जुमा अलविदा की नमाज सामूहिक रूप से अदा की। जामा मस्जिदों पर शांति सौहार्द की दुआ की। इस दौरान पुलिस प्रशासन मुस्तैद दिखाई दिया।
रमजान के अंतिम शुक्रवार को जिले भर में जुमा अलविदा की नमाज अदा की गई। जिला मुख्यालय पर जीटी रोड स्थित जामा मस्जिद पर सामूहिक नमाज पढ़ी गई। सुबह हुई बारिश के बाद पालिका प्रशासन जामा मस्जिद के क्षेत्र की सफाई में जुट गया। साढ़े बारह बजे से ही जीटी रोड का ट्रैफिक रोक दिया गया। हजारों लोगों ने एक साथ नमाज अदाकर अमन चैन की दुआ मांगी। अलविदा नमाज को लेकर जीटी रोड दो घंटे तक रुका रहा। ऐसे में मलावन और पिलुआ पर किलोमीटर लंबी लाइनें लग गईं। नमाज स्थल पर पुलिस-प्रशासन के अलावा पालिकाध्यक्ष राकेश गांधी आदि मौजूद रहे।
मिरहची कसबा में भी रमजान के आखिरी जुमा की नमाज अदा की गई। इमाम मौलाना अहमद हसन ने पैगंबर साहब का खुतबा सुनाया। इस अवसर पर हिंदुस्तान के लिए दुआ-ए-खैर की गई। मौलाना अहमद हसन ने कहा कि सभी मुसलमानों को प्यारे नवी के द्वारा बताए रास्ते पर चलना चाहिए। मिरहची ईदगाह के इमाम हाफिज मोहम्मद नाजिम बरकाती ने बताया है कि ईद-उल-फितर की नमाज कस्बे की ईदगाह में सुबह साढे नौ बजे अदा की जाएगी।
जलेसर में अंतिम जुमा की नमाज नगर की प्रमुख मस्जिदों में अदा की गई। इमाम हाफिज अख्तर खां के नेतृत्व मे मुस्लिमों ने भाईचारे की दुआ मांगी। प्रशासन-पुलिस ने विशेष सुरक्षा व्यवस्थाएं की थीं। इस दौरान मोहम्मद अजहर हसीन, अकबर खां, वकील अख्तर, असलम खां, अब्दुल सलाम, ऐनुल हक आदि मौजूद थे।
निधौलीकलां कसबा की आधा दर्जन मस्जिदों में भी अलविदा जुमा की नमाज पढ़ी गई। जामा मस्जिद में मौलाना मंसूर आलम असर्फी ने नमाज अदा कराकर विश्व शांति की कामना की। इसके अलावा पिलुआ, भोपतपुर, झिनवार, नाडर सहित कई मस्जिदों में अलविदा जुमा की नमाज शान्तिपूर्वक अदा कराई गई।
अलीगंज में भी अलविदा जुमे की नमाज नगर के विभिन्न मस्जिदों में अदा की गई। स्थानीय प्रशासन ने इसके लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्थाएं की थीं। दोपहर 12 बजे से मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ पहुंचने लगी।
चांद का इंतजार
मुस्लिम समाज के अनुसार शुक्रवार को उन्तीस रमजान पूरे हो चुके हैं। चांद दिखने पर शनिवार को नहीं तो रविवार को ईद मनाई जाएगी।