आत्मा की विशुद्धि का पर्व पर्यूषण जिले के जैन मंदिरों में धूमधाम से मनाया जा रहा है। शुक्रवार को जैन धर्मामवलंबियों ने उत्तम शौच धर्म की पूजन कर आत्म विशुद्धि का उपक्रम किया। श्रावकों ने पीत वस्त्र धारण कर जैन धर्म के नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंतनाथ को निर्वाण लाडू समर्पित किया।
पुरानी बस्ती स्थित बड़े जैन मंदिर में विकास जैन ने उत्तम शौच धर्म के बारे में श्रद्धालुओं को बताया। वहीं नशिया जैन मंदिर में योगेंद्र कुमार जैन ने कहा कि शौच अर्थात पवित्र हृदय। संतोष का नाम शौच है। उत्तम शौच हमें सुखी बनाता है। जीवन में तृप्ति लाता है। कहा कि ‘लोभ पाप का पिता बखाना’। जो व्यक्ति लोभ या लालच करता है, वह कभी सुखी नहीं रह सकता। शाम को मंदिर में आरती और धार्मिक प्रतियोगिताएं हुई। बड़े जैन मंदिर में म्यूजिकल प्रशभनमंच में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पर रोहित जैन, संजीव बंटू, आनंद जैन, सुरेश चंद्र जैन आढ़ती, अनुज जैन, प्रशांत जैन, योगेश चंद्र जैन, एके जैन, पवन जैन, सोना जैन शास्त्री, बबिता जैन प्रेरणा, ममता जैन, गीतांजलि जैन, हेमा जैन, राजकुमारी जैन, सुनीता जैन, अंकिता जैन, प्रियंका जैन, नेहा जैन, पूनम जैन, विनीता जैन, मेघा जैन आदि मौजूद रहे।
अवागढ़/एटा। पर्यूषण पर्व पर शुक्रवार को पंचायती बड़ा मंदिर में आर्यिका विरागमती माताजी के सानिध्य में भगवान पुष्पदंतनाथ का निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। मौके पर हर्ष कुमार जैन, रविंद्र कुमार जैन, सुखमाल जैन, विपिन जैन, प्रमोद जैन, पवन सरानी, राजीव जैन, मंजुला जैन, सुनीता जैन, शारदा जैन, निशा जैन, कमलेश जैन मौजूद रहीं।