संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन
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जिला अस्पताल में शुक्रवार को आकस्मिक चिकित्सा सेवाएं भी ठप हो गई। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने मांगें पूरी न होने पर जिला अस्पताल में प्रदर्शन किया। साथ ही आकस्मिक चिकित्सा सेवा भी ठप कर दी। हड़ताल को आशा कार्यकर्त्रियों और मल्टी परपज वर्कर्स (एमपीडब्ल्यू) का भी समर्थन मिल गया।
जिले में पिछले पांच दिनों से चल रहीं संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के चलते चिकित्सा सेवाएं चरमरा गई हैं। अब तक महज 400 संविदा कर्मी ही कार्य बहिष्कार कर रहे थे, लेकिन शुक्रवार को जिले की 1600 आशा कार्यकर्त्रियों और 77 एमपीडब्ल्यू हड़ताल के समर्थन में आ गए। संविदाकर्मियों ने आकस्मिक चिकित्सा सेवाएं भी ठप कराई तो इमरजेंसी में सन्नाटा हो गया। आकस्मिक चिकित्सा केंद्र के वार्ड में बेड खाली पड़े रहे। वहीं डाक्टरों और कर्मचारियों के काम नहीं करने से मरीज और तीमारदार मायूस होकर लौटे। डा. आरपी सिंह ने कहा कि संविदा स्वास्थ्यकर्मियों को नियमित कर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया को बंद किया जाए। अतुल कुमार, शैलेष यादव, डा. पंकज, सरिता, रीना, डा. केके गुप्ता, सचिन कुमार, योगेश, नीरज, धर्मेंद्र शाक्य, राजीव दीक्षित, विजय पाठक, लालाराम यादव, जयकिशोर, अंकित राजपूत, विनोद कुमार, डा. अर्चना पाठक, डा. प्रियंका सचान, महविश, राधा, समेत अनेक संविदा स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।