एटा। जैथरा थाना क्षेत्र में करीब 18 साल पहले हुए हत्याकांड में बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ने फैसला सुनाया। 7 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
घटना की रिपोर्ट गांव बरौलिया निवासी ताराचंद्र जाटव ने लिखाई थी। बताया कि उसके चाचा सुभाष चंद्र ग्राम पंचायत के सदस्य थे। उन्होंने ग्राम प्रधान कृष्णा देवी के घोटाले की शिकायत जैथरा ब्लॉक में की थी। इसके बाद प्रधान पक्ष उनसे रंजिश मानने लगा। 29 सितंबर 2007 को गांव के संजू, अखिलेश, महेंद्र, सत्यवीर, महावीर और इनके पुत्र पप्पू व इंद्रवीर हाथों में असलहे लेकर घर में घुस आए।
जातिसूचक गालियां देते हुए चाचा के बारे में पूछा। इसके बाद गांव में अपना आतंक फैलाने के लिए पिता बहोरन लाल के सीने पर तमंचा सटाकर गोली मार दी और भाग गए। दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सातों दोषियों को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 50 हजार 200 रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया।
गैंगस्टर के दोषी को सजा
एटा। गैंगस्टर एक्ट के मामले में बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट निशांत शैव्य ने फैसला सुनाया। आकाश निवासी गैसिंहपुर थाना मोहम्मदाबाद फतेहगढ़ और करन सिंह उर्फ करुआ निवासी नगला करण थाना भरतपुर राजस्थान को 4 साल 11 माह 24 दिन की कारावास व 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। संवाद