एटा। एक बालक का फिरौती के लिए करीब 13 साल पहले अपहरण किया गया। मामले में बुधवार को विशेष न्यायाधीश डकैती प्रभावित क्षेत्र सुधा ने दंडादेश जारी किया। एक महिला समेत पांच लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राजवीर सिंह निवासी मोहल्ला गोलनगर थाना जलेसर ने 2 मई 2012 को शाम 7 बजे थाने पर तहरीर दी। बताया कि 1 मई 2012 की शाम उनका पांच वर्षीय प्रांशु घर के बाहर खेल रहा था। इसके बाद लापता हो गया। रात 10:30 बजे घर के पीएनटी नंबर पर एक मोबाइल नंबर से फोन आया कि बच्चा हमारे पास है। हमको 10 लाख रुपये दे दें और अपना बच्चा ले लें। किसी को बताने पर बच्चे को जान से मारने की धमकी दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तलाश शुरू कर दी। 3 मई 2012 को सर्विलांस के जरिये पुलिस ने गांव बढ़ारी कला में थाना गंगीरी जिला अलीगढ़ में दबिश दी। यहां से बच्चे की बरामदगी की गई। यहां से गिरफ्तार किए गए हेमंत कुमार के साथ ही इसी गांव के राकेश, बाबू धीमर के अलावा कश्मीरी निवासी मीरपुर थाना हरदुआगंज जिला अलीगढ़ और राजू निवासी मारहरा रोड पीएसी थाना कोतवाली देहात के नाम सामने आए।
इन सभी के विरुद्ध पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पांचों को दोषी पाया। इन सभी को आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दो माह का कारावास भुगतना होगा।