एटा। विलय के बाद खाली हुए 89 प्राथमिक विद्यालयों के भवनों में बाल वाटिका का संचालन शुरू कर दिया गया है। 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को इनमें प्रारंभिक शिक्षा दी जा रही है।
शासन के निर्देश पर जिले में 215 विद्यालयों का युग्मन हुआ। इनमें से 124 विद्यालय भवन खाली हो गए। खाली 89 स्कूलों के भवनों में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से बाल वाटिका का संचालन 15 अगस्त से शुरू कराया गया है। इनमें तीन से छह वर्ष के उम्र के बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की व्यवस्था की गई है। बाल वाटिका में खेल आधारित शिक्षा, सर्जनात्मक गतिविधियां, सामूहिक गतिविधियां, भाषाई विकास, स्वास्थ्य व पोषण शामिल है। बच्चों को खेल-आधारित गतिविधियों के माध्यम से सिखाया जाता है।
कला, शिल्प, कहानी सुनाना, नृत्य और संगीत जैसी गतिविधियों से बच्चों की कल्पना और रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया जाता है। सामूहिक गतिविधियों के तहत बच्चों को समूह में काम करने के अवसर दिए जाते हैं। भाषाई विकास में मातृभाषा के साथ-अन्य भाषाओं का भी परिचय कराया जाता है। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर भी ध्यान दिया जाता है। इसमें स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच शामिल है। डीपीओ संजय कुमार सिंह ने बताया कि बाल वाटिका के माध्यम से बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मजबूत बनेगी।