उर्वरक की दुकान पर निरीक्षण करते जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह। स्रोत सूचना विभाग
एटा। किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए शुक्रवार को जिले की तीनों तहसीलों में संयुक्त प्रवर्तन टीमों ने उर्वरक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। अभियान के दौरान सहकारी समितियों सहित थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के स्टॉक, अभिलेख, बिक्री व्यवस्था और गुणवत्ता की जांच की गई।
जलेसर तहसील में निरीक्षण के दौरान उर्वरकों के दो नमूने जांच के लिए भेजे गए। दो प्रतिष्ठान बंद मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए जबकि अभिलेखों में अनियमितता पाए जाने पर एक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। अलीगंज तहसील में दो विक्रेताओं को नोटिस दिए गए और एक उर्वरक का नमूना लिया गया।
सदर तहसील में अभिलेख व्यवस्थित न मिलने पर एक प्रतिष्ठान को नोटिस जारी किया गया व दो कीटनाशक नमूने परीक्षण के लिए संग्रहित किए गए। प्रवर्तन टीमों ने सभी विक्रेताओं को पीओएस मशीन से निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरक बिक्री करने, स्टॉक एवं बिक्री अभिलेख अद्यतन रखने और किसानों को फार्मर आईडी व खतौनी के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में यूरिया, डीएपी सहित अन्य उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। डीएम अरविन्द सिंह ने कहा कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा और अनियमितता मिलने पर कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।