एटा। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से पिछले तीन माह से अवैध लाइब्रेरी के खिलाफ अभियान चलाकर निरीक्षण किया जा रहा है। उन्हें नोटिस भी थमाए जा रहे हैं उसके बाद भी सिर्फ 12 लाइब्रेरी और कोचिंग का पंजीकरण कराया गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत सिंह ने तीन माह पहले तीनों तहसील में अवैध लाइब्रेरी और कोचिंग पर रोक लगाने के लिए तीन टीम गठित की थी। गठित टीम द्वारा तीन माह पहले 50 से अधिक लाइब्रेरी और कोचिंग संचालकों को नोटिस दिया गया। नोटिस में लाइब्रेरी और कोचिंग का पंजीकरण कराने के लिए तीन दिन का समय दिया गया लेकिन तीन दिन की जगह तीन माह बीत गए।
संचालकों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से भी इन अवैध कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिले में अवैध रूप से कोचिंग और लाइब्रेरी संचालित हो रही हैं।
सिर्फ 12 लोगों ने जमा की फीस
पटल प्रभारी प्रदीप वर्मा ने बताया कि 12 लाइब्रेरी और कोचिंग संचालकों द्वारा पंजीकरण की फीस जमा की गई है। इसके अलावा किसी भी लाइब्रेरी और कोचिंग संचालक द्वारा पंजीकरण की फीस जमा नहीं की गई है। करीब 50 से अधिक कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों को फिर से नोटिस जारी किया जाएगा।
-वर्जन
अवैध कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों ने पंजीकरण नहीं कराया है। उनके खिलाफ अंतिम नोटिस जारी करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. इंद्रजीत सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक