उत्तर प्रदेश के एटा में सोमवार को बीमारी से परेशान खराद मिस्त्री ने फांसी लगाकर जान दे दी। कमरे में रस्सी के फंदे उसका शव लटका मिला। घरवालों ने देखा तो रोना-पिटना शुरू हो गया। बताया कि वह कई वर्ष से मानसिक रूप से बीमार चल रहा था।
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कोतवाली नगर के शिकोहाबाद रोड चुंगी निवासी प्रवेश (45) खराद मिस्त्री था। उसके तहेरे भाई नकुल ने बताया की प्रवेश लंबे समय से मानसिक रूप व अन्य बीमारी के चलते परेशान रह रहा था। भरतपुर व आगरा से लगातार दवा चल रही थी। पत्नी दो दिन से मायके नैनपुर गई हुई थी।
वह अपने पुत्र मयंक के साथ घर पर अकेला था। सुबह उसने घर के कमरे में लगे कुंदे में रस्सी से फंदा लगा लिया। पुत्र मयंक को जानकारी हुई तो चीखने लगा। उसकी चीख-पुकार की आवाज़ सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। इसके बाद को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे।
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यहां चिकित्सकों ने प्रवेश को मृत घोषित कर दिया। बिना पोस्टमार्टम कराए शव को लेकर घर आ गए। सूचना मिलने पर कोतवाली नगर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। वहीं शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।