कार में फंस गईं थी लाशें
तीनों की लाशें कार में बुरी तरह फंस गईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। कार में फंसी लाशों को बाहर निकाला गया। इसके बाद तीनों के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। तीनों ही दोस्त अविवाहित थे। दो महीने पहले ही इकेश ने अपनी कार बेची थी, जो अनूप ने खरीदी थी। कार को अनूप चला रहा था और बाकी दोनों दोस्त गाड़ी में बैठे हुए थे।
सोशल मीडिया पर नजर आई रील
इन लोगों के कार चलाते समय स्टंटबाजी करने की रील सोशल मीडिया पर नजर आई। इकेश ने अपने फेसबुक अकाउंट की स्टोरी पर मंगलवार शाम करीब 5 बजे इस रील को लगाया। इसमें कार सड़क पर गोल चक्कर लगाती नजर आ रही है। इस रील को लगाने के करीब छह घंटे बाद यह हादसा हो गया।
एक युवक का मिला आधार कार्ड
गाड़ी में अमित निवासी भगनेर थाना एका जिला फिरोजाबाद का आधार कार्ड मिला है। हालांकि, घटनास्थल के पास या अस्पताल में वह कहीं नहीं पाया गया। पुलिस इसकी भी पड़ताल में जुटी हुई है।
बचपन से साथ रहे और साथ ही छोड़ गए दुनिया
हादसे में जिन तीन युवकों की मौत हुई है, वे गांव के माहौल में दोस्त बने। बचपन से बड़े होने तक साथ रहे और एक साथ ही दुनिया भी छोड़ गए। पोस्टमार्टम गृह पर आए उनके परिजन भी यही बातें बोलते हुए गमगीन नजर आ रहे थे।
शादी में शामिल होने आए थे तीनों दोस्त
गांव जिटौली का इकेश और गांव नगला समन का अनूप वर्तमान में नोएडा में रह रहे थे। एक ट्रैवल एजेंसी में कार ड्राइविंग का काम करते थे। जबकि विजय उर्फ करू एटा में ही ऑटो चलाता था। मंगलवार रात ट्रक-कार की भीषण भिड़ंत के बाद तीनों दोस्तों के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी पर लाया गया। वहां मौजूद हर कोई उनकी दोस्ती की चर्चा कर रहा था। इकेश के मौसी के बेटे ललित ने बताया कि इकेश के ममेरे भाई की शादी 18 नवंबर को हुई थी। तीनों दोस्त एक साथ छुट्टी लेकर इस शादी में पहुंचे थे।
अटूट रही दोस्ती
इनकी दोस्ती ऐसी थी कि कोई एक-दूसरे से अलग नहीं होना चाहता था। पिछले दो-तीन दिनों से तीनों एक साथ ही कहीं घूमने भी गए थे। मगर किसी को यह नहीं पता था कि तीनों की मौत भी एक साथ हो जाएगी। कई बार इन लोगों से साथ रहने के लिए मना भी किया गया। लेकिन यह एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ते थे। कई बार इस बात को लेकर परिजन से बोलचाल भी बंद हुई।