नगला बंजारन निवासी महिला को देर रात अचानक प्रसव पीड़ा हुई। परिवारीजनों
ने 108 नंबर की एंबुलेंस को फोन कर बुलाया जो तीन घंटे बाद आई। इसके बाद
रास्ते में एंबुलेंस खराब हो गई। ग्रामीणों ने दूसरी गाड़ी की व्यवस्था कर
पीड़िता को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया लेकिन वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित
कर दिया। ग्रामीणों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया।
संतो देवी (32) पत्नी राकेश को रविवार रात करीब साढ़े बारह बजे प्रसव
पीड़ा हुई। लोगों ने 108 नबंर की एंबुलेस को सूचना दी लेकिन तीन घंटे तक
एंबुलेंस नहीं पहुंची। ऐसी स्थिति में प्रसूता ने घर पर ही बेटी को जन्म दे
दिया। बेटी को जन्म देने के बाद प्रसूता की हालत और बिगड़ने लगी। तभी करीब
तीन बजे के बाद एंबुलेंस नगला बंजारन पहुंची। ग्रामीण एंबुलेंस से प्रसूता
को पटियाली स्वास्थ्य केंद्र ले जाने लगे।
तभी गांव से कुछ दूरी पर ही
एंबुलेंस खराब हो गई। ऐसी स्थिति में काफी देर तक प्रसूता एंबुलेंस में ही
कराहती रही। बाद में ग्रामीण किसी और गाड़ी की व्यवस्था कर महिला को
चिकित्सालय लेकर पहुंचे। जहां महिला क ो चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
उधर घर पर हुई नवजात की भी मौत हो गई। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
उन्होंने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाया। पटियाली के चिकित्साधीक्षक डा.
तरुण राजपूत ने बताया कि जिस समय महिला को चिकित्सालय लाया गया था उसकी
मौत हो चुकी थी।
देरी से मिली थी सूचना
इमरजेंसी मेडीकर
टेक्निशयन मोहित कुमार, चालक देवेन्द्र ने बताया कि उन्हें एंबुलेंस के
संबंध में करीब तीन बजे सूचना मिली थी। तत्काल ही एंबुलेंस ले जाई गई थी
रास्ते में खराबी के चलते देर हुई।
दो बेटियों के सिर से उठा मां का साया
संतो
देवी के दो पुत्रियां है। पति राकेश गुजरात में कपड़े की फेरी का काम करता
है। पत्नी की मौत के समय पति राकेश भी घर पर नहीं था। उन्हें गुजरात
टेलीफोन से सूचना दी गई।