एटा। शासन का मिशन कायाकल्प प्रधानों की उपेक्षा की भेंट चढ़ रहा है। वोटर को रिझाने के लिए गांव की गलियों-नालियों में काम करा रहे प्रधान स्कूल विकास पर ध्यान नहीं दे रहे।
सरकार ने मिशन कायाकल्प के तहत ग्राम प्रधानों को परिषदीय स्कूलों में बाउंड्रीवाल, इंटरलॉकिंग, टाइल्स, हैंडवाश, विद्युतीकरण आदि 14 बिंदुओं पर कार्य कराने के निर्देश दिए थे। इनके लिए धन भी आवंटित हुआ, लेकिन इसी वर्ष होने वाले ग्राम पंचायत चुनावों को लेकर प्रधानों का पूरा ध्यान वोटर्स को रिझाने में है।
ऐसे में जिले के सैकड़ों स्कूलों में सुविधाएं तक नहीं हैं। इसकी शिकायत बीईओ, बीएसए ने डीपीआरओ, सीडीओ से भी की गई हैं। प्रधानाध्यापक मदन कुमार ने बताया कि चुनावों के चलते मिशन कायाकल्प पर प्रधान ध्यान नहीं दे रहे। ऐसे में स्कूलों के टाइल्स, गेट, हैंडवाश, समरसेबल आदि के काम रुके और अधूरे हैं। पूरा बजट गांव में लगा रहे हैं। अब धन न होने की बात कह रहे हैं।
प्रधानाध्यापक राम प्रकाश वर्मा ने प्रावि पुरा में शौचालय, इंटरलॉकिंग एवं टाइल्स नहीं लगे हैं। पहले प्रधान ने काम करवाने का आश्वासन दिया लेकिन अब पैसा खत्म होने की बात कह रहे हैं। बीईओ नीरजा चतुर्वेदी ने बताया कि जनवरी में परिषदीय विद्यालय जवाहरपुर में शौचालय का काम जोर शोर से चल रहा था। छह माह बाद आज फिर गई तो देखा काम अधूरा है। न प्लास्टर, न फर्श हुआ और न ही शीट ही लगी है। अब प्रधान धनाभाव की बात कहकर हाथ खड़ा कर रहे हैं।