गरीबों को पक्की छत नसीब कराने के लिए बनाए गई कांशीराम आवास कालोनियों के आवास गरीबों ने दूसरों को किराए पर उठा दिए हैं। पूर्व में जिला नगरीय विकास अभिकरण द्वारा की गई जांच में यह बात सामने आई थी। जिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग ने संबंधित आवास आवंटियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन आवंटियों ने इस संबंध में विभाग को कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद विभाग की ओर से गत 19 अगस्त को ऐसे लापरवाह आवंटियों के आवासों पर नोटिस चस्पा कर दिए गए, और 15 दिनों के अंदर जवाब देने का कहा गया था। विभाग की मानें तो इसके बावजूद भी सभी आवास आवंटियों ने अब तक जवाब नहीं दिए हैं। ऐसे में अब उनके साथ आवंटन निरस्त होने की कार्रवाई की जा रही है।
बता दें कि चार कांशीराम आवास कालोनी में 1500 आवास हैं, जिसमें 236 आवासों के मालिक या तो अपने आवास में नहीं रहते या फिर उन्होंने अपने आवासों को किराए पर उठा दिया है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेंद्र कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के अंतर्गत नगर में बने 1500 आवंटित आवास में लोगों के निवासित होने की जांच कराई गई। जांच के दौरान आवंटित आवासों में लोग बड़ी तादात में निवासित नहीं पाए गए। इसके चलते जिला नगरीय विकास अभिकरण ने वर्ष 2014 में 30 सितंबर व 29 दिसंबर को नोटिस जारी कर ऐसे लोगों से जवाब मांगा था। इसके बावजूद भी संबंधित आवंटियों ने कार्यालय में अपना कोई जवाब दाखिल नहीं किया। इसके बाद हाल ही में एक बार फिर पालिका के अधिशासी अधिकारी द्वारा जांच कराई गई, जिसमें 236 आवंटी अपने आवासों में निवास करते हुए नहीं पाए गए। इसके चलते अब संबधित लोगों के खिलाफ आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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1500 में से 50-60 लोग दे रहे बिजली का बिल
विद्युत विभाग ने डीएम से की आवंटन निरस्त करने की सिफारिश
एटा। विद्युुत विभाग के अधिशासी अभियंता नगरीय राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि कांशीराम आवास कालोनी में 1500 विद्युत कनेक्शन हैं। इसमें से बमुश्किल 50 से 60 लोग बिजली का बिल जमा कर रहे हैं। बाकी के लोगों पर आठ-नौ हजार रुपये से 16 हजार तक बकाया बिल है। ऐसे में विभाग की ओर से जिलाधिकारी से गुजारिश की गई है कि संबधित बिजली बकायदरों को आवंटन निरस्त कर दिया जाए। इसके अलावा उन्होंने बताया कि कांशीराम आवास कालोनी में विद्युत विभाग की ओर से सील बंद मीटर लगाने की योजना है।
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हाल ही में जांच में बंद मिले आवासों का ब्यौरा
स्थान कुल आवास खाली/बंद/अन्य निवासित पाए गए आवास
मानपुर खसरा संख्या 716 288 50
मानपुर खसरा संख्या 180 84 29
पीएसी के पास 348 109
पराग डेरी के पास 372 26
मंडी समिति के पास 408 22
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क्या कहते हैं अधिकारी
संबधित आवंटियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। कुछ के जवाब आ भी चुके हैं। जिनकी समिति द्वारा समीक्षा की जा रही है। जवाब न देने वाले व जवाब से विभाग को संतुष्ट न करने वालों के खिलाफ आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
-- राजेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, एटा।