कांशीराम आवासीय कॉलोनी को ततारपुर बनाने का मामला अब बसपा विधायक विधानसभा में उठाएंगे। ग्राम पंचायत में शामिल करने से आक्रोशित लोगों ने पंचायत चुनाव में अपने वोट न देने का एलान किया।
कांशीराम आवासीय कॉलोनी को वर्ष 2011 की जनगणना में ततारपुर का हिस्सा बना दिया गया। कॉलोनी की जनंसख्या मिल जाने के बाद ततारपुर की आबादी अधिक हो जाने पर इसे नई ग्राम पंचायत बना दिया गया। कॉलोनी के लोगों ने इसका विरोध किया। गुरुवार को वोट बनाने पहुंची टीम को लौटा दिया।
मामले को बसपा विधायक ममतेश शाक्य के साथ वाशिंदे जिलाधिकारी से मिले। डीएम ने बताया कॉलोनी शहरी आवासीय योजना के तहत आवंटित की गई है। ततारपुर माफी पंचायत में कॉलोनी को गलत तरीके से शामिल किया है। इस कॉलोनी को नगर पालिका में ही रखा जाए। इस दौरान सुखवीर सिंह, सुरेश उपाध्याय, सोनू कश्यप, स्नेह लता, सुरेंद्र, बबलू, चंदन सिंह मौजूद रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती शहरी गरीब लोगों के लिए कांशीराम कॉलोनी का निर्माण कराया। इस कॉलोनी को गलत तरीके से ग्राम पंचायत में जोड़ा गया है। 14 अगस्त से विधानसभा का सत्र शुरू होने जा रहा है। इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाएगा।
- ममतेश शाक्य, विधायक बसपा