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Etah News: आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना के बाद तीस साल पहले टूट गया था चहका-गुनार

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फोटो13सहावर के चहका गुनार में छत से पुलिस पर पत्थर फेंकते ग्रामीणों को ड्रोन कैमरे से लिया गय
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सहावर/कासगंज। गांव चहका-गुनार में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान हुए विवाद ने एक बार फिर पुराने घावों को ताजा कर दिया। तीस साल पहले आंबेडकर प्रतिमा की स्थापना को लेकर गांव चहका-गुनार टूट गया था। दो समाज के लोगों के बीच लकीर खिंच गई थी। अब बवाल ने इस लकीर और भी लंबा कर दिया है।
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गांव चहका निवासी राजीव कुमार ने बताया कि करीब तीस साल पहले गांव में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद दूसरे पक्ष के लोगों से विवाद हो गया था। उस दौरान मारपीट व पथराव की घटना हुई थी। कई लोग घायल हुए थे। इस विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि गांव दो हिस्साें चहका और गुनार में बंट गया। तब से दोनों पक्षों के बीच आपसी दूरी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि उस विवाद के बाद पिछले वर्ष गांव में धूमधाम से आंबेडकर शोभायात्रा निकाली गई, लेकिन किसी ने इसका विरोध नहीं किया था।
वहीं, दूसरे पक्ष के ग्रामीण देवेंद्र यादव ने बताया कि तीस साल पहले जयंती की वजह से चहका और गुनार अलग हो गया था। उस दौरान तय हुआ था कि आप चहका में जयंती मनाएं। इन लोगों ने अपने आप उपद्रव किया था। हम लोगों ने कहा था कि इधर से जयंती न निकालें, यह रास्ता आपका नहीं है। आप लोग उधर से जयंती निकालें। पिछले वर्ष गांव के लोग भंडारे में शामिल होने के लिए गए थे, इसी वजह से उन लोगों ने गांव में इस मार्ग से होकर जयंती निकाल ली थी। इस बार फिर शोभायात्रा निकालने पर घटना हो गई।
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गांव में रहने वाले लोगों का कहना है कि वर्षों पुराना यह विवाद आज भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर स्थायी समाधान निकाला जाए। इससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

लोगों को काम नहीं करने दे रही पुलिस
कासगंज। गांव चहका गुनार में बवाल के बाद हालात भले ही शांत हो गए हो, लेकिन दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ग्रामीण देवेंद्र का आरोप है कि बवाल के बाद पुलिस लोगों को काम नहीं करने दे रही है। मवेशी हमारे घेर में भूखे खड़े है। कल से उन्हें चारा भी नहीं डाला गया। पुलिस के डर से कई घरों में रहने वाले हमारे लोग ताला लगाकर चले गए हैं। कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, लेकिन उनकी कोई जानकारी हमें नहीं दे रही है। संवाद
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