बैंकों में नकदी की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही। जिले की बैंकों में कुछ नकदी का इंतजाम हुआ तो नकदी पाने के लिए बैंकों में कतारें लगी नजर आईं। कई बैंकों में नकदी का अधिक अभाव था, वहां बैंक कर्मियों को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। नकदी न मिलने से ग्रामीण बैंकों में हाहाकार के हालात बने रहे। नकदी पाने की चाह में कोहरे के बीच लोग कतारों में लगे नजर आए।
बैंकों में पिछले कई दिनों से नकदी की समस्या से कई बैंकों में नकदी की उपलब्धता शून्य पर जा पहुंची थी। तीन दिन पहले स्टेट बैंक को 25 करोड़ की नकदी मिली तो इस नकदी को कई बैंक शाखाओं में थोड़ा थोड़ा जिलाधिकारी एवं लीड बैंक मैनेजर के हस्तक्षेप के बाद भिजवाया जा सका। थोड़ा थोड़ा कैश बैंकों को मिलने के बाद दो हजार तक की निकासी खाता धारक कर सके। इलाहाबाद की बैंक की शाखा पर शनिवार को भी दो हजार रुपये की नकदी का भुगतान हो सका। बैंक आफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, एसबीआई, ओरियंटल बैंक शाखाओं से अधिकतम दस हजार रुपये तक की निकासी की गई। बैंकों में निकासी होने की जानकारी होते ही लोगों की लाइनें भी बैंकों में बढ़ गईं। ढोलना की यूनियन बैंक एवं ग्रामीण बैंक से कई दिनों से नकदी न मिलने से परेशान लोगों को शनिवार को आंशिक नकदी मिलने से राहत मिली। प्रहलादपुर खाता धारकों का बैंक पर दबाव था। यहां नकदी की उपलब्धता नहीं थी। वेतनभोगी भी चक्कर लगा रहे थे। सोरों की बैंकों में भी आंशिक नकदी की निकासी से लोगों को कुछ राहत मिली। नगर के एचडीएफसी एवं ओबीसी के एटीएम कुछ देर ही संचालित हो सके। लोग एटीएम के चक्कर लगाते देखे गए। आरबीआई ने नकदी की समस्या को देखते हुए धन वितरण में अनियमितता को लेकर अब लीड बैंक मैनेजर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। लीड बैंक मैनेजर आरबीआई से आने वाले कैश का वितरण करेंगे। आरबीआई ने धन का वितरण कराने के लिए जिम्मेदारी सौंपी है। लेकिन अभी इस पर कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी है, क्यों कि जिम्मेदारी के निर्वहन के लिए कोई गाइड लाइन नहीं आई है। गाइड लाइन मिलते ही धन वितरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- बीके सिंह, लीड बैंक मैनेजर।