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कब्रिस्तानों और मजारों पर मगफिरत की दुआ

Sun, 22 May 2016 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
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शब-ए-बरात - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में रविवार को शब-ए-बरात परंपरागत तरीके से मनाया गया। मुस्लिम समाज ने रात भर इबादत कर गुनाहों की माफी मांगी। समाज के लोग सोमवार सुबह कब्रिस्तान जाकर अपने बुजुर्गों के लिए फतिहा पढ़ेंगे। इस दौरान मस्जिद और कब्रिस्तान रोशनी से जगमग नजर आए।
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रविवार को शब-ए-बरात के मौके पर मुस्लिम समाज ने रात में मस्जिदों में इबादत की। मुस्लिम समाज के लोगों ने अपने घरों में महफिले मीलाद का आयोजन किया। वहंी मुस्लिम महिलाओं ने घरों में रहकर खुदा की इबादत की। हदीस के मुताबिक शब-ए-बरात की रात गुनाहों से निजात की रात है और हर वर्ष सावान महीने की 14 तारीख का दिन गुजार कर रात को अल्लाह गुनाहगार बंदों को माफ कर रोजी मांगने वालों को रोजी देता है तो रिज्क मांगने वालों को रिज्क अदा करता है। गरज यह है कि अल्लाह ताला हर बंदे की जायज दुआ को कबूल करता है। नेता शराफत अली उर्फ काले ने बताया कि होलीगेट तकिया पर जलसे का आयोजन होगा। इसमें सैकड़ों लोग शिरकत करेंगे।
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