एटा। बिजली निजीकरण को लेकर जिले के विद्युत कर्मचारियों की कार्य बहिष्कार की रूप रेखा 21 मई से जारी थी। बृहस्पतिवार से पूर्णकालीन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की योजना भी बना ली गई। लेकिन, सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए विद्युत कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए, जिसके बाद विद्युत कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को एक दिन का पूर्ण कार्य बहिष्कार करते हुए हड़ताल खत्म कर दी।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के अध्यक्ष अतुल यादव ने बताया कि गर्मी का प्रकोप अधिक होने और संगठन के उच्चाधिकारियों की सहमति से कार्य बहिष्कार को स्थगित कर दिया है। उन्होंने कहा कि बिजली निजीकरण का मामला कोर्ट में दायर हो चुका है। इसको लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने कार्य बहिष्कार का कार्यक्रम बृहस्पतिवार की शाम को स्थगित कर दिया है।
संगठन के उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुुसार निजीकरण को लेकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान इंजीनियर विजय कुमार, जितेंद्र कुमार, जवाहर सिंह, रजनीकांत, इंतजार खान, हिरदेश कुमार, गुलशन कुमार, बच्चन सिंह, मोहित यादव, मनीष कुमार, धर्मेंद्र कुमार, संदीप कुमार, माधो सिंह, मनोज कुमार आदि लोग मौजूद रहे।