ग्रीन गार्डन में श्रीराम कथा में शुक्रवार को राम वनवास का वर्णन करते हुए कथावाचक विजय कौशल ने कहा कि कब क्या हो जाए कहा नहीं जा सकता। जिस अयोध्या में युवराज राम के अभिषेक की तैयारियां थीं। चहुंओर जश्न एवं सजावट का दौर था। वहीं कुछ ही देर में चहुंओर मातम छा गया। कथा के जीवंत वर्णन से कई बार श्रोतागण भावुक हो आंसू पोंछते नजर आए। वहीं केवट की भक्ति के आगे श्रोतागण नतमस्तक हो गए। संगीत मय भजनों पर भक्तजन झूम उठे।
अलीगढ़ से आए राजेश भारद्वाज ने कथावाचक कौशल जी महाराज को पगड़ी पहनाकर आशीर्वाद लिया। संयोजिका पुष्पा उपाध्याय ने आयोजन समिति के सदस्यों का स्वागत किया। उपस्थित लोगों में उमाकांत तिवारी, मुकेश भारद्वाज, नरेश पाराशर, आलोक शर्मा, चंदन शर्मा, सुधीर शर्मा, शैलेश मिश्रा, विनीत कुमार, अनिल उपाध्याय, टीटू उपाध्याय, दिनेश वार्ष्णेय, राकेश वार्ष्णेय, प्रसून वार्ष्णेय आदि प्रमुख थे।