मिरहची। जिन्हैरा में निर्माणाधीन अमृत सरोवर को नगर पंचायत ने सोरों हरि की पौड़ी की तर्ज पर बनवाना शुरू कर दिया है। इसका नाम भगवान महर्षि परशुराम अमृत सरोवर होगा।
लगातार गिर रहे भूजल स्तर को नियंत्रित करने के लिए सरकार गांव और कस्बा स्तर पर वृहद तालाबों का निर्माण करा रही है। जिनको अमृत सरोवर का नाम दिया गया है। मिरहची नगर पंचायत गठन से पहले जिन्हैरा में एक अमृत सरोवर प्रस्तावित था। नगर पंचायत के गठन के बाद इसके निर्माण की जिम्मेदारी अब नगर पंचायत मिरहची की है।
अमृत सरोवर के निर्माण के लिए शासन ने 70 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। अमृत सरोवर की चहारदीवारी का निर्माण हो चुका है। बीचोंबीच में सरोवर का निर्माण किया जाएगा। जिसमें गांव और उसके आसपास के गांव का बारिश का पानी संरक्षित किया जाएगा।
सरोवर के चारों तरफ लोगों के टहलने के लिए इंटरलाॅकिंग की पटरी तैयार की जाएगी। पटरी के दोनों तरफ आकर्षक फूलों की बागवानी की जाएगी। सरोवर में भगवान महर्षि परशुराम के भव्य मंदिर का निर्माण चल रहा है। वाहन खड़े करने को पार्किंग का निर्माण कराया जा रहा है।
बच्चों के खेलने को झूलों की व्यवस्था की योजना है। नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी उपाध्याय ने कहा कि यहां के अमृत सरोवर को जिले के सभी सरोवरों से भव्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसको सोरों की हरि की पौड़ी की तरह भव्य और अलौकिक बनाने की मंशा है।