आज जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बिगड़ सकती है। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के साथ फार्मासिस्टों की हड़ताल होने से व्यवस्थाएं चरमराएंगी। इसके चलते मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वहीं दवाओं का स्टाक भी खत्म हो गया है। इसके अलावा सोमवार को सरकारी डाक्टर ही काम करेंगे। आशाओं कार्यकत्रियों ने भी हड़ताल का एलान कर दिया है।
संविदा स्वास्थ्यकमिर्यों की पिछले 14 दिनों से चल रही हड़ताल के चलते चिकित्सा सेवा की गाड़ी पहले ही पटरी से उतर चुकी है, लेकिन अस्पताल प्रशासन और मरीजों के आगे एक और मुसीबत खड़ी होने की तैयारी में है। सोमवार से फार्मासिस्ट एसोसिएशन के डार्क्ट्स भी हड़ताल पर जा रहे हैं। इससे मरीजों को निजी चिकित्सकों के यहां इलाज कराना पड़ रहा हैं।
उधर, धरने की समाप्ति को लेकर अब तक शासन की ओर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है, जिससे मरीजों की दिक्कत बढ़ी है। सोमवार से उपचार और दवा आपूर्ति सेवा पर भी ताला पड़ जाएगा। फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. एसके दीक्षित ने बताया कि मांगों को लेकर फार्मासिस्ट हड़ताल पर रहेंगे।
----------------
आशा बहू, एमपीडब्ल्यू भी नहीं करेंगे काम
संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल को आशा बहुओं और एमपीडब्ल्यू वर्कर्स ने भी समर्थन दे दिया है। रविवार को हुई बैठक में कर्मचारियों ने सोमवार से अनिश्चिकालीन बंदी का एलान किया।
----------------
आज निकालेंगे शांति मार्च
मांगों को पूरा कराने के लिए पांच सितंबर से चल रही हड़ताल के दौरान संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी सोमवार को शांति मार्च निकालेंगे। रविवार को बैठक में शांति मार्च की तैयारी पर चर्चा हुई। इस मौके पर अतुल भदौरिया, शुभम पचौरी, नीरज कुमार, डा. मनमोहन सिंह, अजय राठौर मौजूद रहे।