झोलाछाप डाक्टर ने ले ली जच्चा-बच्चा की जान
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गांव शिव सिंहपुर में एक झोलाछाप ने जच्चा-बच्चा की जान ले ली। उसने बीएएमएस डाक्टर के क्लीनिक से डिस्चार्ज कराकर युवती को अपने दवाखाने में प्रसव के लिए भर्ती कर लिया था। घटना के बाद जागे स्वास्थ्य महकमे के अफसरों ने क्लीनिक में छापेमारी की। जहां गर्भपात की दवाएं मिली हैं। वहीं झोलाछाप चिकित्सक के बेटे को बिना रजिस्ट्रेशन के मेडिकल स्टोर चलाते दबोचा। सीएमओ ने चिकित्सक दंपति समेत पांच लोगों के खिलाफ तहरीर दी है।
कोतवाली देहात के गांव सिरांव की रहने वाली रेखा (30) पत्नी लक्ष्मी नारायण को बुधवार रात प्रसव पीड़ा होने पर एमपी नगर स्थित क्लीनिक में भर्ती कराया था। गुरुवार सुबह हालत बिगड़ने पर गांव के ही एक झोलाछाप रामनरेश ने सुरक्षित प्रसव कराने का भरोसा दिलाकर अपने क्लीनिक में भर्ती कराया दिया था। पति की माने तो प्रसव के दौरान अपराह्न तीन बजे ही जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी, लेकिन झोलाछाप ने हालत खराब बताकर दोनों को जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने चेकअप करते ही दोनों को मृत घोषित कर दिया। इत्तेफाक रहा कि उसी समय महिला अस्पताल में एडी स्वास्थ्य डा.मंजू मलिक, सीएमओ डा.आरसी पांडेय मुआयने के लिए आए थे। शिकायत पर सीएमओ ने पुलिस टीम के साथ झोलाछाप चिकित्सक के यहां छापेमारी की। जहां अवैधरूप से मेडिकल स्टोर चल रहे उसके बेटे को दबोचा गया। जबकि झोलाछाप भाग निकला। सीएमओ ने एमपी नगर के बीएएमएस चिकित्सक दंपति के क्लीनिक पर भी छापा मारा। वहां गर्भपात कराने की दवाएं मिलने के अलावा महिलाओं के प्रसव होते मिले। सीएमओ ने चिकित्सक दंपति, झोलाछाप, उसके बेटे, और एक अन्य महिला के खिलाफ थाने में तहरीर दी है।
पंजीकृत आयुर्वेद का, करा रहे थे डिलीवरी
एटा। सीएमओ डा.आरसी पांडेय ने बताया कि एमपीनगर स्थित बीएएमएस चिकित्सक क्लीनिक का कार्यालय में केवल आयुर्वेद पद्धति से इलाज कराने का पंजीकरण है। क्लीनिक में प्रसव नहीं कराया जा सकता है। इसके बाद भी क्लीनिक पर प्रसव होते मिले, गर्भपात की दवाईयंा मिली।