जलेसर। श्री दिगंबर जैन समाज के प्रमुख संत आचार्य विमल सागर महाराज की जन्मस्थली कोसमा में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन चल रहा है। दूसरे दिन शनिवार को इसमें देश के कोने-कोने से जैन विद्वान पहुंचे। अस्वस्थ होने पर भी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देने के लिए सर्वांग भूषण आचार्य चैत्य सागर महाराज मंच पर आए।
प्रतिष्ठा महोत्सव में अनुष्ठान संपन्न कराने के लिए विद्वान प्रतिष्ठाचार्य कोलकाता से पं. आनंद प्रकाश जैन के निर्देशन में पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण से 12 से अधिक प्रतिष्ठाचार्य सम्मिलित हुए हैं। इनमें मुनिश्री अनुमान सागर, सागर से पं. पवन दीवान, कोल्हापुर से पं. पंकज उपाध्याय, सौदा से पं. सुधर्मा शास्त्री, टीकमगढ़ से पं. जयकुमार, देवेंद्र नगर से पं. विवेक, जयपुर से अभिषेक, टोंक से पं. रत्नेश, पं. विपिन आदि शामिल हैं।
घटयात्रा से महोत्सव का शुभारंभ किया गया। घटयात्रा में कर्नाटक की शैली में नृत्य करते हुए सर्वांग यक्ष की मूर्ति भक्तों के आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम का शुभारंभ कनाडा से विशेष रूप से पधारीं संतोषी कुमारी जैन, तरु गुप्ता एवं मृदु जैन ने आचार्य विमल सागर महाराज के चित्र का अनावरण कर किया। पालिकाध्यक्ष गौरी देवी के पति संजीव वर्मा ने दीप प्रज्वलन किया।
महोत्सव में मुंबई के आरके जैन, जयपुर के चिंतामणि, रविंद्र बज, सुभाष पाटनी, डॉ. शाह, गुवाहटी के विजय चूड़ीवाल, कोलकाता के राकेश काला, ग्वालियर के शांतिलाल, विमलेश, आगरा की ऊषा मार्संस, मनोज जैन बांकलीवाल, सुशील, सुनील सिंघई सहित आगरा, फिरोजाबाद, एटा से हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कोसमा में धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान मौजूद लोग। संवाद