एटा। पर्यूषण पर्व के छठवें दिन रविवार को वातावरण धूप की सुगंधता से महकता नजर आया। सुगंध दशमी पर श्रावक-श्राविकाओं ने जैन मंदिरों में अष्टकर्मों के दहन को धूप खेई। इस दौरान भगवान शीतलनाथ के जयकारे गूंजे। वहीं भक्तों ने उत्तम संयम धर्म का पालन किया।
ठंडी सड़क स्थित नेमिनाथ जिनालय से रविवार सुबह सामग्री यात्रा निकाली गई। यात्रा शहर के जैन मंदिरों का भ्रमण करते हुए मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा में पीतवस्त्र धारी इंद्र अनूठी छटा बिखेर रहे थे। वहीं दोपहर को श्रावकों ने जैन मंदिरों की वंदना कर धूप चढ़ाई।
बड़ा जैन मंदिर में मुनि श्री विश्रुत सागर जी महाराज ने कहा कि उत्तम संयम धर्म का अर्थ होता है खुद पर नियंत्रण रखना। उन्होंने बताया कि इस दिन सुगंध दशमी का व्रत रखा जाता है। इसमें श्रावक-श्राविकाएं जैन मंदिरों की वंदना कर अपने कर्मों को अग्नि में जलाने को धूप चढ़ाते हैं। वहीं भगवान शीतलनाथ से मन को शीतलता प्रदान करने की कामना की जाती है।
उधर, प्रेमनगर स्थित नसियाजी जैन मंदिर में भजनों पर झूमते इंद्र-इंद्राणियों ने पूजन किया। आलोक जैन, राजेश जैन, अक्षय जैन, नूतन जैन, योगेश जैन, गौरव जैन, नैना जैन, पारुल जैन, दीक्षा जैन, सोनल जैन, अध्यक्ष सुरेश जैन, मंत्री आनंद जैन, कोषाध्यक्ष विनय जैन आदि मौजूद रहे।
जोड़ी कमाल की में अहिक्षेत्र टीम ने मारी बाजी
चुनमुन झांकी मंडल द्वारा जानकीदास चैत्यालय में जोड़ी कमाल की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें अहिक्षेत्र टीम की नेहा जैन और प्रीति जैन विजयी रहे। महावीरजी टीम की मिल्की और कुमकुम जैन द्वितीय और शिखरजी टीम के राघवेंद्र और मेघा जैन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतिभागियों को सुरेश चंद्र जैन ने सम्मानित किया।
सकीट में गूंजे जयकारे
सकीट। नगर के दिगंबर जैन मंदिर में उत्तम संयम धर्म की पूजा की गई। मंदिर में नीरज जैन,मयंक जैन, अक्षत जैन और सूरज जैन ने पूजन में भाग लिया।