एटा। गर्मी के कारण लोग उल्टी-दस्त व बुखार की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज से लेकर निजी नर्सिंग होम तक मरीजों की भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं शुक्रवार की शाम को इंटरमीडिएट की एक छात्रा को उल्टी-दस्त होने पर मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां चिकित्सक ने उसे मृत बता दिया।
मिरहची थाना क्षेत्र के गांव लोधामई निवासी अरुण पचौरी ने बताया कि शुक्रवार सुबह से उसकी भतीजी 15 वर्षीय सुकीर्ति को दस्त की समस्या हुई। वह सुबह के समय 3 बार दस्त गई। इस पर दवा लेने को कहा, लेकिन उसने कहा कोई दिक्कत नहीं है। वह कमरे में जाकर लेट गई। बाद में उसे 3-4 दस्त और हुए। इसके बाद शुक्रवार की शाम को एक साथ उसे 4-5 उल्टी हुईं, जिससे वह वह बेहोश हो गई।
इस पर उसे लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे। यहां चिकित्सक ने उसे मृत बता दिया। चिकित्सक का कहना था कि या तो इसको दिल का दौरा पड़ा है या फिर दिमाग तक गैस पहुंचने की वजह से दिक्कत होने से मौत हो हुई है। वहीं शनिवार को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बीते 24 घंटे में 7 मरीज उल्टी व दस्त के पहुंचे। जबकि ओपीडी में मेडिसन विभाग में 30 से 35 उल्टी व दस्त के मरीजों की संख्या रही।
उल्टी-दस्त से हो जाती है पानी की कमी
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि उल्टी-दस्त होने से व्यक्ति के शरीर के अंदर पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। तत्काल उपचार लेना चाहिए। उपचार न लेने की स्थित में मौत की आशंका बढ़ जाती है और व्यक्ति की मौत हो जाती है।