एटा। प्रदेश की सभी आश्रय स्थलों में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण व आहार व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए शासन स्तर से लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक गोशाला में कम से कम एक माह का अग्रिम भूसा स्टॉक अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। साथ ही व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए मंगलवार निरीक्षण कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बृहस्पतिवार को मलावन स्थित गोशाला का निरीक्षण किया। इसमें गोशाला में आहार, पानी, शेड, चिकित्सा सुविधाओं सहित सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। डॉ. प्रसाद ने निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी गोशालाओं में गोवंशों के लिए विशेष रूप से पर्याप्त भूसे का भंडारण किया जाए जिससे किसी भी परिस्थिति में आहार की कमी न हो।
्रउन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान को देखते हुए आश्रय स्थलों में तिरपाल व जूट के कबर लगाए जाएं जिससे गोवंशों को गर्मी से राहत मिल सके। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को सचेत करते हुए कहा कि गोवंशों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से दुरुस्त रखी जाएं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी आरपी शर्मा ने बताया कि गोशालाओं के लिए मंगाया गया माइलेज चारा जिले की 13 गोशालाओं में पहुंच चुका है।