गांव रतनपुर माफी में पराली जलाए जाने की जांच करती कृषि विभाग की टीम। कृषि विभाग
एटा। मारहरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव रतनपुर माफी में एक किसान ने अपने खेत पर पराली जला दी। इसकी सूचना अधिकारियों को सेटेलाइट के माध्यम से मिली।
स्थलीय सत्यापन में पुष्टि होने के बाद किसान पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्रदूषण पर रोकथाम के मद्देनजर जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारी कड़ी निगरानी कर रहे हैं। उप कृषि निदेशक सुमित कुमार ने बताया कि 25 अक्तूबर को ग्राम रतनपुर माफी में आग की सूचना सेटेलाइट द्वारा प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर स्थलीय जांच की गई।
इस दौरान पाया गया कि गांव में गाटा संख्या 518, रकबा 1 एकड़ भूमि में पराली जलाई गई है। यह जमीन किसान राकेश बाबू के नाम दर्ज है। पराली जलाने की पुष्टि होने पर राकेश बाबू पर 5000 रुपये का जुर्माना लगा धनराशि वसूल की गई।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि पराली जलाना वायु प्रदूषण का प्रमुख कारण है जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। मृदा के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी कृषकों से अपील की है कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, हैप्पी सीडर, रोटावेटर आदि का उपयोग करें तथा पराली जलाने से बचें। भविष्य में यदि किसी कृषक द्वारा पराली जलाने की घटना पाई जाती है तो उसके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।