एटा। सब्जियों के राजा आलू पर महंगाई का तड़का लगा हुआ है। किसानों ने आलू का भंडारण समय से शीतगृहों में कर दिया था। इसके बाद महंगाई बढ़ी तो निकासी भी शुरू कर दी गई। किसानों से व्यापारी संपर्क कर खरीद कर रहे हैं और अन्य प्रदेशों में बेच रहे हैं। जिला में 20 शीतगृहों का संचालन हो रहा हैं। इनमें किसानों की ओर से आलू भंडारण किया है। शीतगृहों की क्षमता 173072 मैट्रिक टन है, लेकिन इस बार 116832 एमटी ही भंडारण वर्तमान में है। हालांकि जिम्मेदारों के अनुसार 70 फीसदी के करीब भंडारण हुआ था, लेकिन महंगाई के चलते किसानों ने खेतों से ही आलू की बिक्री करनी शुरू कर दी थी। जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती गई है, किसानों ने आलू की निकासी शुरू कर दी। अब वर्तमान में किसान का 60 फीसदी आलू ही शीतगृहों में रह गया है और निकासी भी बराबर की जा रही है।
उद्यान निरीक्षक रवींद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि आलू की महंगाई के चलते किसान बाहरी व्यापारियों को बिक्री कर रहे हैं। इस वजह से शीतगृहों से निकासी समय से पहले शुरू हो गई। अब तक 10 फीसदी आलू की निकासी हो चुकी है। इस बाद आलू के दामों में बढ़ोत्तरी की संभावनाएं हैं।