समाजवादी पेंशन योजना में पात्रों को पेंशन दिए जाने के लिए प्रदेश सरकार जितनी गंभीर दिख रही थी। अब उतनी ही लापरवाही एवं अनियमितताएं संबंधित विभागों द्वारा बरती जा रही हैं। इसके चलते योजना का लाभ अब पात्रों की जगह अपात्र उठा रहे है। लापरवाही का सबूत देखिए पेंशन योजना शुरू होने के बाद प्रधानों का आरोप है कि उनके द्वारा प्रेषित सूची को बदलकर अपात्रों को इस योजना का लाभ दे दिया गया है। इससे परेशान लोग डीएम से इसकी जांच की मांग कर रहे हैं।
बता दें कि समाजवादी पेंशन योजना के तहत पात्रों को लाभ दिलाए जाने के लिए शासन द्वारा जिले में दो बार जांच कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद भी ग्राम पंचायत से पात्रों के चयनित नामों को हटाकर समाज कल्याण विभाग में अपात्रों को इस योजना का लाभ दे दिया गया। इस पर ग्राम प्रधान पिलुआ गंगा देवी का कहना है कि उनके द्वारा प्रस्तावित सूची को समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बदल दिया है।
ग्राम पंचायत बरई के प्रधान ग्रीश यादव ने बताया कि उनके द्वारा भेजी गई सूची से 10 नाम समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों ने अतिरिक्त बढ़ा दिए थे। उनके द्वारा विरोध किए जाने पर हटा दिया गया था। डीएम से जांच कराने की मांग करने वालों में ललिता देवी, रश्मि, पूजा, सायना, रेखा, कमलेश रामवती, श्रीवती आदि हैं।
जिले में 30496 समाजवादी पेंशन का लक्ष्य था, वह पूरा हो चुका है, शेष वेटिंग में हैं। लक्ष्य आने पर उन्हें पूरा किया जाएगा। सूची बदलने का आरोप गलत है ग्राम पंचायतों से प्राप्त प्रस्तावों से ही लक्ष्य को पूरा किया जाता है।
विनोद शंकर तिवारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, एटा।