एटा। भीषण गर्मी के कारण लोग पेट दर्द, डायरिया से ग्रसित हो रहे हैं और मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मंगलवार को गर्मी का असर इस कदर हावी था कि सामान्य वार्ड तक फुल हो गए। यहां अतिरिक्त बेड डालकर मरीजों को भर्ती किया जा रहा था। यहां पर काम करते समय माली की हालत बिगड़ गई तो उसे भी इमरजेंसी में भर्ती किया गया।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में मंगलवार को 500 मरीजों ने उपचार लिया। सबसे अधिक पेट दर्द, डायरिया व वायरल बुखार से पीड़ित रहे। चिकित्सकों ने गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज के सामान्य वार्ड में भर्ती कराया। मेडिकल कॉलेज के पांचवें तल पर महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग सामान्य वार्ड बनाए गए हैं। प्रत्येक वार्ड में कुल 30 बेड की क्षमता है। महिला वार्ड में मंगलवार को 30 से अधिक मरीजों को भर्ती किया गया। वार्ड पूरा फुल होने की वजह से यहां पर अतिरिक्त पांच बेड की व्यवस्था की गई। वहीं पुरूष वार्ड में कुल 24 मरीज भर्ती मिले।
वहीं मेडिकल कॉलेज में माली का काम करने वाले कर्मचारी प्रमोद की दोपहर करीब 1 बजे घास काटते समय तबीयत बिगड़ गई। उन्हें एकदम से पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी। उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने उसे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया।
मलेरिया पीड़ित मिला मरीज
मलेरिया पीड़ित प्रेमचंद्र (35) निवासी गिरधरपुर जिला कासगंज 15 मई को मेडिकल कॉलेज में उपचार लेने के लिए पहुंचा। यहां चिकित्सकों ने लक्षण के आधार पर मलेरिया व डेंगू की जांच कराई। वहीं उसकी तबीयत ज्यादा खराब होने की वजह से उसे सामान्य वार्ड में भर्ती कर दिया गया। 17 मई को रिपोर्ट में उसे मलेरिया की पुष्टि हुई। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे उपचार देना शुरू कर दिया।
इन बातों का रखें ध्यानः
- दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक घर से बाहर न निकलें।
- गर्मी अधिक होने की वजह से पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं।
- पानी में ओआरएस का घोल मिलाकर पीएं।
- बाहर की खुली हुई चीजों का सेवन न करें।
- तली, भुनी चीजों का भी सेवन न करें।
- नारियल पानी, शिकंजी, गन्ने का रस का सेवन करें।
- मौसमी फलों का सेवन करें।
तेज धूप व लू से पशुओं की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी
एटा। भीषण गर्मी और तेज लू को देखते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रकाश शर्मा ने पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
एडवाइजरी में पशुओं को सदैव छायादार व हवादार स्थान पर रखने, शेड पर पानी का छिड़काव करने, पंखे-फॉगर्स का उपयोग करने व 24 घंटे स्वच्छ ठंडा पानी उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है। पशुओं को सुबह-शाम चारा देने और भैंसों को दिन में दो बार ठंडे पानी से नहलाने की भी हिदायत दी गई है। डॉ. शर्मा ने दोपहर 11 से 4 बजे तक पशुओं को धूप में न ले जाने, बासी या दूषित पानी न पिलाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि अत्यधिक हांफने, लार आने, तेज सांस पर पशु को तुरंत छाया में ले जाकर ठंडा पानी डालें। नमक-गुड़/ग्लूकोज मिला पानी पिलाने की सलाह दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी पशु चिकित्सालय या टोल फ्री नंबर 1962 पर संपर्क करने की अपील की गई है।