क्रवार की शाम को हुई ओलावृष्टि ने किसानों को बर्बाद कर दिया। शनिवार को डीएम निधि केसरवानी फसलों के नुकसान का आकलन करने सदर तहसील और जलेसर क्षेत्र के गांवों में पहुंचीं। उन्होंने फसलों में 70 प्रतिशत तक के नुकसान का आकलन किया, लेकिन जलेसर के किसानों के अनुसार उनकी फसलों में 90 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। इधर, बरसात के बाद तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई है। इसके इतर रात की बारिश के बाद शनिवार की सुबह शहर की सड़कों पर फिसलन और जलभराव की स्थिति देखी गई।
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पूर्व में हुई बरसात से गेहूं की फसल में 26 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन किया था। विभाग द्वारा फिलहाल ऐसे किसानों की सूची बनाई जा रही थी, जिनका नुकसान 25-49 प्रतिशत तक हुआ था, लेकिन विभाग द्वारा नुकसान की सूची बनकर तैयार नहीं हो पाई थी कि बरसात ने एक फिर उस नुकसान के दायरे का बढ़ा दिया।
लेखपालों को आकलन की रिपोर्ट देने को कहा
डीएम ने लेखपालों को निर्देश दिए अपने क्षेत्र में जाकर नुकसान का स्थलीय आकलन करें और उसकी रिपोर्ट अपने क्षेत्र के एसडीएम को सौंपे। इसमें कितनी प्रतिशत फसलें गिर गई है, कितनी प्रतिशत फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है की रिपोर्ट लगाएं। इसके पहले डीएम ने तहसील सदर क्षेत्र के आगरा मार्ग पर स्थित गांव कासिमपुर चमकरी में वर्षा से प्रभावित हुई फसल का निरीक्षण किया। इसके बाद हिम्मतपुर नासिरपुर में निरीक्षण किया। डीएम ने अवागढ़ विकास खंड क्षेत्र के गांव पांडरी में भी बारिश से प्रभावित हुई गेहूं की फसल को देखा। डीएम ने जलेसर क्षेत्र के आगरा मार्ग पर भुर्रका, सरायनीम में बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल को देखा। इस दौरान पाया कि उक्त गांव के हरी सिंह, गंगाराम की लगभग बीस-बीस बीघा फसल प्रभावित हुई है। इस मौके पर एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह, एसडीएम जलेसर रवीप्रकाश श्रीवास्तव, तहसीलदार, लेखपाल आदि मौजूद थे।
बारिश से बिजली व्यवस्था भी हुई फेल
रात हुई बारिश व तेज हवाओं से कई इलाकों में तार टूट जाने से बिजली आपूर्ति ठप रही। बाद में कर्मचारियों ने तार जोड़कर इन्हें सुचारु किया। रात को मंडी समिति व शिकोहाबाद रोड पर तार टूट जाने से उक्त क्षेत्र की चार-पांच घंटे आपूर्ति बाधित रही। लोगों को खासी परेशानी हुई।