एटा। अलीगंज रोड पर पुल के नीचे काली नदी किनारों से रात के अंधेरे में बालू का अवैध खनन किया जा रहा है। यहां की बालू निर्माण के लिए अच्छी बताई जाती है, जिसकी जिले में काफी मांग है। रोजाना 40 से 50 ट्रॉली बालू निकालकर बेची जा रही है। एक ट्रॉली बालू का दाम तीन हजार रुपये तक चल रहा है। इस तरह यहां से हर दिन 1.20 से 1.50 लाख रुपये के अवैध कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है।
काली नदी पर ओनघाट, गढ़ी बेंदुला, प्रेमी नगला, अथैया के आसपास गांवों से खनन का अवैध कारोबार लंबे समय से चल रहा है। यहां नदी में मोटी बालू है। जिसके चलते नदी से अवैध खनन किया जा रहा है। इन गांवों में नदी किनारे माफिया दो जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर अवैध खनन करने में लगे हुए हैं। शाम होते ही यहां जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली लगा दिए जाते हैं। सुबह तक खनन कर बालू निर्धारित ठिकानों पर पहुंचाई जाती है।
परेशान हैं ग्रामीण, विरोध पर मिलती हैं धमकियां
काली नदी से सटे गांवों के लोग खनन कार्य के चलते परेशान हैं। विरोध करते हैं तो उन्हें धमकियां दी जातीं हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक गांव के लोगों ने बताया कि अंधेरा होते ही जेसीबी, ट्रैक्टर, ट्रॉली यहां पहुंच जाते हैं। जिससे काफी शोर होता है और सोना मुश्किल हो जाता है। एक-दो बार विरोध करने की हिम्मत जुटाई तो ये लोग इकट्ठे होकर पीटने पर उतारू हो गए। पुलिस बुलाकर कार्रवाई कराने का भी डर दिखाया। मजबूरी में चुप बैठ गए।