भूजल सप्ताह के अंतर्गत आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में शामिल छात्राएं। संवाद
एटा। जिले में 16 जुलाई से 22 जुलाई तक मनाए जा रहे भूजल सप्ताह की शुरुआत बृहस्पतिवार को हुई। पहले दिन ग्राम पंचायतों, विद्यालयों और स्थानीय निकायों में जल संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान का उद्देश्य भूजल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के प्रति लोगों को जागरूक करना है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज इसौली में वर्षा जल संचयन तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग के महत्व की जानकारी दी गई। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज एटा, महारानी लक्ष्मीबाई कन्या इंटर कॉलेज, प्रेंटिस गर्ल्स इंटर कॉलेज, आदर्श इंटर कॉलेज उमेदपुर, जनता इंटर कॉलेज अवागढ़, राजकीय हाई स्कूल आलमपुर, डीएवी इंटर कॉलेज अलीगंज, जनता इंटर कॉलेज कैलठा, आदर्श इंटर कॉलेज जलेसर, मारहरा पब्लिक स्कूल सहित विभिन्न माध्यमिक विद्यालयों में भू-जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान पोस्टर प्रतियोगिता, जागरूकता रैली, जल संरक्षण शपथ एवं जनजागरण गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों और आमजन को जल संरक्षण का संदेश दिया गया।
गांव-गांव चलाया गया जागरूकता अभियान
एटा। अभियान के तहत तालाबों, पोखरों और अन्य जलाशयों पर श्रमदान किया गया। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने जल स्रोतों की साफ-सफाई कर उनके संरक्षण का संदेश दिया। कई ग्राम पंचायतों में पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठकें हुईं। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं ने शपथ ग्रहण कर पानी की प्रत्येक बूंद बचाने का संकल्प। सीडीओ राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि जल संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता रमेश चंद्र ने वर्षा जल का अधिकतम संचयन और भूजल का संतुलित उपयोग ही भविष्य में जल संकट से बचाने का प्रभावी उपाय बताया।
भूजल सप्ताह के अंतर्गत आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में शामिल छात्राएं। संवाद