एटा। स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्र में जन आरोग्य मंदिर खोले जा रहे हैं। जिससे मरीजों को शहर की दौड़ न लगानी पड़े। लेकिन हकीकत यह है कि सीएचसी पर लिवर और किडनी जांच की सुविधा नहीं है। इसके लिए या तो मेडिकल कॉलेज की दौड़ लगानी होती है या फिर निजी लैब पर रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
शहर में 3 लाख के करीब आबादी है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में करीब 17 लाख की आबादी है। इनको स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए जिले के आठों ब्लॉकों में सीएचसी संचालित हैं। इसके अलावा पीएचसी व जनआरोग्य मंदिर हैं। शासन की मंशा की है कि गांव स्तर पर ही लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिल जाएं, लेकिन इसकी हकीकत कुछ अलग ही है। जिले की सभी सीएचसी पर मरीजाें की सभी जांच हो सकें ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।
सीएचसी पर सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) की जांच के अलावा डेंगू की जांच कार्ड से व मलेरिया की जांच कार्ड सहित स्लाइड से की जाती है। लिवर, किडनी सहित पेट से संबंधित अन्य जांच की यहां कोई व्यवस्था नहीं है। मरीजाें को दिक्कत होने पर यह जांचें प्राइवेट लैब में करानी पड़ती हैं या जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज तक की दौड़ लगानी होती है। आठो सीएचसी की बात करें तो यहां प्रतिदिन ओपीडी में 700 से 800 और कभी- कभी 1000 मरीज तक उपचार के लिए पहुंचते हैं।
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महंगी होती हैं ये जांच
लिवर व किडनी की जांच प्राइवेट लैब में 700 से 800 रुपये तक की होती है। इसके अलावा पेट से संबंधित अन्य जांच 300 से 400 रुपये में होती हैं। ऐसे में मरीजों को बाहर से महंगी जांच करानी पड़ती हैं।
सीएचसी पर होती हैं ये जांचें
सीबीसी, शुगर, डेंगू, टायफाइड, मलेरिया, वीडीआरएल, एचसीवी, यूरिन रूटीन, यूपीटी प्रेगनेंसी, एचबी की जांच की जाती है। इसके अलावा टीबी के मरीजों की जांच की सुविधा दी जाती है।
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प्राइवेट लैप में करानी पड़ती है जांच
सीएचसी पर सभी जांच की सुविधा नहीं है। यहां बुखार आने पर डेंगू, मलेरिया की जांच हो जाती है। अन्य जांचें नहीं हो पाती हैं। प्राइवेट लैब में ही जांच करानी पड़ती है। - सुनील कुमार, जैथरा
सीएचसी पर जांच कराने आए थे। सर्दी की दिक्कत हो गई। यहां यह जांचे तो हो गईं। पेट से संबंधित जांच बाहर ही करानी पड़ेगी या फिर मेडिकल कॉलेज की दौड़ लगानी पड़ेगी। -अनुराधा, अलीगंज
वर्जन
बागवाला सहित चुरथरा सीएचसी पर हेल्थ एटीएम लगे हैं। यहां कई प्रकार की जांच एटीएम से होती हैं। सभी सीएचसी पर जरूरत की मशीनें लगी हैं। मरीजों की जांच उनसे की जाती है। - डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ